दरसअल चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार कस्बे में तत्कालीन राजस्थान राज्य विद्युत मंडल के सहायक अभियंता प्रकाश मणिहार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 5 मार्च 1982 को 200 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। करीब 9 साल की लंबी ट्रायल के बाद विशिष्ट न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने 2 दिसंबर 1991 को दो धाराओं में सहायक अभियंता प्रकाश मणिहार को एक 1 साल की सजा सुनाई। एसीबी कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ उसी साल एईएन प्रकाश ने राजस्थान हाई कोर्ट याचिका दायर किया। राजस्थान हाई कोर्ट में एईएन की अपील याचिका पर 32 साल की लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार एईएन प्रकाश को बरी कर दिया गया।
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