तीनों प्रत्याशी कल 31 जनवरी को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। राज्यसभा के लिए 10 जून को मतदान होना है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक किसी आदिवासी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस की 2 सीटों पर जीत तय है, लेकिन तीसरी सीट के लिए पार्टी को 123 विधायकों की आवश्यकता पड़ेगी। राजस्थान विधानसभा में संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है। कांग्रेस के पास 108 विधायक, भाजपा के पास 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। कांग्रेस को सभी 13 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन का ऐलान किया है। माकपा के 2 विधायकों का भी कांग्रेस के समर्थन मिल सकता है। ऐसे संकेत पार्टी के नेता प्रकाश करात ने हाल में दिए थे। आरएलडी के एक विधायक का समर्थन भी कांग्रेस को मिलेगा। संख्याबल के हिसाब से कांग्रेस के 3 सीट जीतने के आसार है, लेकिन जिस तरह पार्टी ने बाहरी उम्मीदवारों पर दांव खेला है। उससे क्राॅस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। बीजेपी ने दो प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। बीजेपी ने एक नाम का ऐलान भी कर दिया है। जबकि दूसरे नाम का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के विधायक संपर्क में है। ऐसे में सीएम अशोक गहलोत के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के विधायको को एकजुट करने की रहेगी।
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