10 करोड़ के लालच में नहीं आए
सीएम ने कहा कि हमारे 19 साथी गुमराह होकर चले गए थे। हमारे विधायक 34 दिन होटल में रहे। 10 करोड़ रुपए की प्रथम किस्त थी। तब भी कोई आदमी नहीं गया, एमएलए नहीं गया हो, जिनके मैंने नाम लिए। अब ये क्या उनसे उम्मीद करते हैं वो क्या इनको ऑफर करेंगे वो लोग? आने वाले वक्त के अंदर। कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार जीतेंगे। हमारा कोई विधायक बिकने वाला नहीं है। सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के विधायक चाहते हैं कि सब एकजगह एकत्रित हो जाए। बीजेपी वाले फोन करके परेशान करते हैं। उससे अच्छा है विधायकों की बाड़ेबंदी।
बीजेपी का खेल पहले भी फेल हो चुका है
सीएम गहलोत ने कहा कि पता नहीं बीजेपी ने जो खेल खेला है, ये खेल पहले भी इनका फेल हो चुका है एक बार, मुझे याद है कि 15 साल पहले भी यही खेल खेला था, इनके खुद के विधायक बीजेपी के साइन करते हैं और इन्डिपेंडेंट के नाम से फॉर्म भरवाते हैं, सुबह कहा गया कि बीजेपी के उम्मीदवार हैं दूसरे हमारे, फिर बाद में घबराकर के बदल गए कि ये इन्डिपेंडेंट रहेंगे, तो ये स्थिति शुरुआत के अंदर ही है, शुरुआत ही इनकी ऐसी हुई है। दूसरा, ये जो तरीका इनका है, ये 15 साल पहले भी एक बार ऐसे ही काम किया इन्होंने, साइन कर दिए, उम्मीदवार खड़ा कर दिया, आखिर में रात को 12 बजे इनको ये कहना पड़ा कि हमें उम्मीदवार ने वादा किया था हमसे कि मेरे पास में एक्स्ट्रा वोट हैं, वोट जुटा नहीं पाए वो, इसलिए हम उनको समर्थन वापस लेते हैं, रात को 12 बजे, मिस्टर भक्कड़ थे उस वक्त में उम्मीदवार मुझे याद है, तब भी इनकी स्थिति यही बनी थी, इस बार भी सुभाष चंद्रा जी को खड़ा कर दिया है और इनको पता है कि पूरा वोट नहीं है इनके पास में, उसके बावजूद भी ये क्या हॉर्स ट्रेडिंग करेंगे यहां पर? फिर माहौल खराब करेंगे प्रदेश के अंदर। ये कब तक प्रदेश को बिगाड़ना चाहते हैं ये लोग?
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