यही नहीं वाजे का कहना था कि उसका बयान ही इस मामले में जांच का मुख्य आधार बना था, जिसने उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया था। इस पर सीबीआई अदालत ने कुछ शर्तों के साथ वाजे की अर्जी को स्वीकार कर लिया है। सीबीआई के जज ने कहा, 'आपके आवेदन को स्वीकार कर लिया है, लेकिन कुछ शर्तें भी होंगी।' कोर्ट के आदेश के बाद अब सचिन वाजे मामले में सरकारी गवाह होंगे और इससे अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ जाएंगी, जो मुंबई पुलिस से वसूली कराने के मामले में आरोपी हैं। वाजे को बीते साल मार्च में अरेस्ट कर लिया गया था। उस पर मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी गाड़ी खड़ी होने के मामले में शामिल होने का आरोप था।
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