सुभाष चंद्रा को बीजेपी का समर्थन मिलने पर कांग्रेस को सेंधमारी का डर है। कांग्रेस को अपने विधायकों को एकजुट करने की चुनौती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस अब विधायकों की बाड़ेबंदी करेगी। कांग्रेस के पास 2 सीटों पर जीत के लिए बहुमत है लेकिन तीसरी सीट पर जीत के लिए उसे निर्दलीय विधायकों का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में बीजेपी भी 2 सीटों पर प्रत्याशी खड़ा कर इस सियासी जंग को रोचक बना दिया है। कांग्रेस के पास 108 विधायक, भाजपा के पास 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। कांग्रेस को सभी 13 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन का ऐलान किया है। माकपा के 2 विधायकों का भी कांग्रेस के समर्थन मिल सकता है। ऐसे संकेत पार्टी के नेता प्रकाश करात ने हाल में दिए थे। आरएलडी के एक विधायक का समर्थन भी कांग्रेस को मिलेगा। संख्याबल के हिसाब से कांग्रेस के 3 सीट जीतने के आसार है, लेकिन जिस तरह पार्टी ने बाहरी उम्मीदवारों पर दांव खेला है। उससे क्राॅस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के विधायक संपर्क में है। ऐसे में सीएम अशोक गहलोत के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के विधायको को एकजुट करने की रहेगी।
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