राजस्थान राज्यसभा चुनाव: एक उम्मीदवार का नामांकन पत्र निरस्त, 4 सीटों के लिए 6 ने दाखिल किए थे नामांकन
(India) राजस्थान में चार राज्यसभा सीटों के लिए 6 उम्मीदवारों से प्राप्त 14 नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा बुधवार को हुई। संवीक्षा में एक उम्मीदवार का नाम निर्देशन पत्र अपूर्ण मानते हुए निरस्त किया गया। शेष 5 उम्मीदवारों के 13 नाम निर्देशन पत्र सही पाए गए। राजस्थान में राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने बताया कि चार राज्यसभा सीटों के लिए कुल 6 उम्मीदवारों की ओर से 14 नाम निर्देशन पत्र प्राप्त हुए थे। इन सभी नाम निर्देषन पत्रों का परीक्षण उम्मीदवारों, एजेंट, प्रस्तावकों और राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के पर्यवेक्षक एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने बताया कि संवीक्षा की प्रक्रिया में निर्दलीय उम्मीदवार मनोज कुमार जोशी द्वारा भरा गया एक मात्र नाम निर्देशन पत्र अपूर्ण होने के कारण से निरस्त किया गया है। शेष पांच उम्मीदवार- भारतीय जनता पार्टी के घनश्याम तिवाड़ी व निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा के 2-2, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल बालकृष्ण वासनिक और प्रमोद कुमार के 3-3 नाम निर्देशन पत्र सही पाए गए है। डॉ. जोगाराम ने बताया कि उम्मीदवारो 3 जून (षुक्रवार) को दोपहर 3.00 बजे तक नाम वापस ले सकते है। नामांकन वापसी हेतु निर्वाचन अधिकारी व सहायक निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय गुरुवार को खुला रहेगा।

सुभाष चंद्रा को बीजेपी का समर्थन मिलने पर कांग्रेस को सेंधमारी का डर है। कांग्रेस को अपने विधायकों को एकजुट करने की चुनौती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस अब विधायकों की बाड़ेबंदी करेगी। कांग्रेस के पास 2 सीटों पर जीत के लिए बहुमत है लेकिन तीसरी सीट पर जीत के लिए उसे निर्दलीय विधायकों का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में बीजेपी भी 2 सीटों पर प्रत्याशी खड़ा कर इस सियासी जंग को रोचक बना दिया है। कांग्रेस के पास 108 विधायक, भाजपा के पास 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। कांग्रेस को सभी 13 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन का ऐलान किया है। माकपा के 2 विधायकों का भी कांग्रेस के समर्थन मिल सकता है। ऐसे संकेत पार्टी के नेता प्रकाश करात ने हाल में दिए थे। आरएलडी के एक विधायक का समर्थन भी कांग्रेस को मिलेगा। संख्याबल के हिसाब से कांग्रेस के 3 सीट जीतने के आसार है, लेकिन जिस तरह पार्टी ने बाहरी उम्मीदवारों पर दांव खेला है। उससे क्राॅस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के विधायक संपर्क में है। ऐसे में सीएम अशोक गहलोत के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के विधायको को एकजुट करने की रहेगी।

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