भारत का 7 खाड़ी देशों के साथ 189 अरब डॉलर का कारोबार है। 2021-22 का यह आंकड़ा है। इन देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं। भारत के कुल कारोबार में इन देशों की 18.3 फीसदी की हिस्सेदारी है। यही नहीं 5 अरब देशों में रहने वाले भारतीय जो रकम देश में भेजते हैं, वह कुल प्रवासी नागरिकों से मिलने वाली रकम का 54 फीसदी हिस्सा है। खासतौर पर यूएई, ओमान और सऊदी अरब के साथ भारत के रिश्ते बीते कुछ सालों में बहुत अच्छे रहे हैं। यहां तक कि यूएई में तो हिंदू मंदिर का उद्घाटन का भव्य आयोजन भी पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुआ था। इस तरह कारोबारी संबंधों के अलावा सांप्रदायिक सद्भाव के स्तर पर भी अरब देशों और भारत के अच्छे संबंध रहे हैं। भारत के लाखों प्रवासी मजदूर इन देशों में बसे हैं, जो बड़े पैमाने पर राशि अपने घर भेजते हैं।
दिल्ली स्थित कतर दूतावास के एक अधिकारी ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि संबंधों को बेहतर करने के लिए यह जरूरी है कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद बयान जारी करें और इन टिप्पणियों से पल्ला झाड़ लें। एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि यदि यह विवाद बढ़ता है तो फिर हमें आर्थिक तौर पर भी नुकसान उठाना होगा। पूर्व भारतीय राजनयिक विवेक काटजू ने कहा कि वह इस्लाम के पैगंबर पर की गई टिप्पणी से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी अवांछित है और उस संस्कृति के खिलाफ है, जिसमें हम लोग पले-बढ़े हैं। हमारी संस्कृति में किसी भी धर्म के पैगंबर के बारे में अपशब्द नहीं कहा जाता।
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