(India)
रणजी ट्रॉफी के फाइनल में मध्य प्रदेश के हाथों मिली हार के बाद मुंबई का 42वीं बार चैंपियन बनने का सपना टूट गया। मुंबई की कमान इस बार पृथ्वी शॉ के हाथों में थी, लेकिन वह टीम को खिताब नहीं दिला सके। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बहुत सी चीजें मुंबई के पक्ष में नहीं रही। मुकाबले के दौरान कई बार मुंबई के कप्तान पृथ्वी शॉ और उनके खिलाड़ी अंपायर से बहस करते दिखे। पारी के 125वें ओवर के दौरान मध्य प्रदेश एक समय तीन विकेट पर 373 रन बनाकर खेल रही थी और वो मुंबई के स्कोर से केवल एक ही रन पीछे थी।
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