लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि किसी भी सदस्य का अधिकार नहीं छीन सकता है, लेकिन सदन में मर्यादित होनी चाहिए
(India) देश की संसद के दोनों सदनों में शब्दों के इस्तेमाल को लेकर जारी की गई सूची को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. लोकसभा सचिवालय की ओर से शब्दों की एक लंबी लिस्ट जारी की गई है, जिन्हें लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) दोनों में असंसदीय माना जाएगा. इस बीच लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha Speaker) ओम बिरला ने एक तरह से इस पर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि ये लोकसभा की एक प्रक्रिया है जो साल 1959 से चल रही है.

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