शिवसेना एकनाथ शिंदे की होगी या उद्धव ठाकरे की..... इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को नोटिस जारी किया है.... आयोग ने शिंदे और उद्धव गुट को 8 अगस्त तक पार्टी पर अपने दावे से संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है.... चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को पार्टी में विवाद पर अपना लिखित स्टेटमेंट देने को भी कहा है...... मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद उपजे शिवसेना पर संकट पर दोनों गुटों के अपने-अपने दावे हैं..... शिंदे गुट के पास पार्टी के 55 में से 40 विधायकों और 18 लोकसभा सांसदों में से 12 का समर्थन है... वहीं, ठाकरे गुट पार्टी के कार्यकारिणी के समर्थन का दावे पर अपना पक्ष मजबूत किए है
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