मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने कहा कि अदालत के आदेशों के अनुपालन की जमीनी सच्चाई परखने के लिए न्यायाधीश और अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाएंगे। पाइलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत आठ सितंबर को दो बजे धानाचूली से की जाएगी। इस निरीक्षण दल में हाईकोर्ट के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, याचिकाकर्ता व सरकार के वकील, डीएम नैनीताल, जिला पंचायत के अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्रीय अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट राज्य में प्लास्टिक प्रतिबंध पर सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों और सरकार को कूड़ा निस्तारण के लिए बने नियमों का पालन करने के आदेश दिए थे। अल्मोड़ा निवासी जितेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। कहा है कि प्लास्टिक के प्रयोग और उसके निपटान के लिए बनाई गई नियमावली का पालन नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अनुसार उत्पादन करने, परिवहन करने और बेचने वालों को खाली प्लास्टिक वापस ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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