(India)
भारतीय नेवी ने कहा था कि वह एयरक्राफ्ट कैरियर्स को बनाने के लिए विकसित देशों के नियमों का ही पालन कर रही है। 2 सितंबर को आधिकारिक तौर पर विक्रांत के नेवी में शामिल होने के बाद ही उसके फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट और उसकी एविएशन फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स यानी AFC सुविधाओं की शुरुआत होगी। कई महीनों में INS विक्रांत का एविएशन फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स यानी AFC पूरी तरह से रूसी इंजीनियरों और टेक्नीशियन की मदद से स्थापित किया जाएगा। इन इंजीनियरों के भारत में आने में यूक्रेन पर हमले की वजह से रूस पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण देरी हो सकती है। INS विक्रांत के AFC को भी INS विक्रमादित्य की तरह ही रूसी मिग-29 फाइटर प्लेन के ऑपरेशन के लिए बनाया गया था। मिग में आ रही दिक्कतों से इंडियन नेवी को ये अहसास हो गया कि मिग की जगह उन्हें या तो राफेल या F-18 फाइटर प्लेन को लाने की जरूरत है।
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