संविधान की प्रस्तावना की आखिरी लाइन में लिखा है कि कॉन्स्टिट्युएंट असैंबली ने 26 नवंबर, 1949 को संविधान का ड्राफ्ट पारित कर दिया था।
पारित होने का मतलब ये कि संविधान बनकर तैयार था और असैंबली के सभी सदस्यों को स्वीकार था। अब सिर्फ हस्ताक्षर होने बाकी थे।सिर्फ हस्ताक्षर के लिए दो महीने बाद की तारीख 24 जनवरी, 1950 तय की गई। 24 जनवरी को ही हस्ताक्षर भी हो गए, मगर संविधान के अमल में आने की तारीख 26 जनवरी, 1950 तय की गई।
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