विधानसभा बजट सत्र: 12 का खाता भी नहीं खुला, 36 विभागों से 167 MLA ने 5 सवाल भी नहीं पूछे
(India) सभी विधायक क्षेत्र की मांग से जुड़ा हर काम करवाने के लिए सदन में सरकार को घेरने, दबाव का हरसंभव प्रयास करते हैं। लंपी जैसी महामारी आई लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पशुपालन से जुड़ा 167 विधायकों ने औसत 1-1 सवाल भी नहीं पूछा। कुल 45 सवाल ही पूछे।

हर जिले में एसीबी को लेकर आए दिन खबरें आ रही, फिर भी सीएम से जुड़े एसीबी से सिर्फ 17 सवाल किए गए हैं। जेल प्रहरी पूरे राज्य में ग्रेड पे को लेकर लगातार हड़ताल किए फिर भी सवाल सिर्फ 5 लगे। विपक्षी भाजपा का इस बार सारा फोकस सीएम के गृह विभाग पर दिखा।

इस विभाग से 139 सवाल पूछे गए हैं। 15वीं विधानसभा के 8 वें सत्र के लिए अब तक करीब 2500 सवाल लगे, जिनमें 36 विभाग ऐसे सामने आए, जिनसे 5 सवाल भी नहीं पूछे गए। बच्चों के साथ इतनी घटनाएं आए दिन घट रही लेकिन बाल अधिकारिता से जुड़ा सिर्फ अनाथ बच्चों का एक सवाल किया गया।

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