(India)
एक समलैंगिक कपल ने केरल हाई कोर्ट के साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग करवाने वाले आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिसे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता कपल के वकील को सुनवाई के लिए तैयारी रहने के लिए कहा है। बोर्ड के आखिरी में मामले पर सुनवाई की जाएगी। याचिकाकर्ता के एडवोकेट श्रीराम पी. ने सुप्रीम कोर्ट से त्वरित सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया था। दरअसल, याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसके साथी को उसके माता पिता ने जबरन कैद कर रखा है। इसी मामले में 13 जनवरी 2023 को केरल हाई कोर्ट में जब सुनवाई हुई तो उसकी साथी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुई थी। जिसमें उसने स्पष्ट कहा था कि वे दोनों ही फिमेल हैं। वह याचिकाकर्ता से प्यार करती है और हमेशा साथ रहना चाहती है। इस पर कोर्ट ने कपल को साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग करवाने का निर्देश दिया था। याचिका में यह भी कहा गया कि क्या हिरासत में लिए गए लोगों को हाई कोर्ट में सुरक्षा में शारीरिक रूप से सुनवाई का अधिकार देना चाहिए था? यह कहते हुए कि याचिका में कानून को लेकर भी सवाल किया कि क्या जेंडर ओरिएंटेशन काउंसलिंग कानूनी है या नहीं?
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।