तुर्की में तबाही का दौर अब भी बरकरार भूकंप के बाद कमज़ोर पड़ी अर्थव्यवस्था
(DELHI, DELHI) जी हां, तुर्की में एक दिन पहले आए भूकंप के झटकों के बाद देश की कर्रेंसी लीरा में भी लगातार गिरावट से आर्थिक संकट आ गया है जिससे युरोपियन बैंक कर्ज़े में डूबी गयी है | वही दूसरी और कॉस्ट ऑफ़ लिविंग यानि महंगाई दर 57 % तक बढ़ गया है जिससे आम लोगो परेशान है |

जहा इस भूकंप के झटको ने 4000 से अधिक लोगो की जाने ली वही दूसरी और तुर्की के पास आर्थिक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार भी नहीं है जिससे बैंको के लिए विदेशी कर्ज़ को चुका पाना मुश्किल लग रहा है | रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की का विदेशी मुद्रा भंडार 130 अरब डॉलर का है और विदेशी कर्ज़ की बात करें तो ये तकरीबन 180 अरब डॉलर का है |

तुर्की की करेंसी लीरा की गिरती दरों को देखकर राष्ट्रपति रेचेप ने लीरा को दुरुस्त करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जिससे महंगाई की दरों में इज़ाफ़ा हुआ |
वहीं दूसरी और चुनावी तौर पर देखा जाये तो तुर्किये में इस साल चुनाव भी है। ऐसे में इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति रेचेप ने रिकॉर्ड पब्लिक स्पेंडिंग की घोषणा की है।

उनके इस प्लान में एनर्जी सब्सिडी, न्यूनतम वेतन को दोगुना करने और पेंशन में बढ़ोतरी के साथ-साथ दो मिलियन से ज्यादा लोगों को तुरंत रिटायरमेंट देने का मौका भी शामिल है।

Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।