(India)
तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आए 3 बड़े भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। दोनों देशों में मरने वालों की संख्या 15 हजार से ज्यादा हो गई है। घायलों की संख्या 40 हजार के करीब हो गई है। मदद के लिए WHO और UN समेत दुनियाभर के 70 से भी ज्यादा देश आगे आए हैं। लोकल मीडिया के मुताबिक, सीरिया में 3 लाख लोगों को मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा है। सरकार को लेकर लोगों के बढ़ते गुस्से के बाद तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने स्वीकार किया कि भूकंप के बाद उनकी सरकार की शुरुआती प्रतिक्रियाओं में कमियां थीं। दरअसल, भूकंप के बाद कई ईलाकों में लोगों ने बचावकर्मियों के देर से पहुंचने के साथ ही समय पर राहत समग्री नहीं मिलने की शिकायत की थी और सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए थे। इस बीच तुर्किये में ट्विटर को ब्लॉक कर दिया गया है। दरअसल, तुर्किये सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के खिलाफ एक बिल पास किया था। इसके तहत यदि सोशल मीडिया कंपनियां तुर्किये से जुड़ी गलत जानकारी अपनी साइट से नहीं हटाती हैं, तो उनपर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। देश में आपत्तिजनक पोस्ट के लिए अब तक 18 लोगों को हिरासत में लिया है और 5 को गिरफ्तार किया गया है।
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