जम्मू-कश्मीर के रियासी में मिला लिथियम का भंडार , विदेशों से आयात पर निर्भरता से मिलेगी राहत
(JAMMUandKASHMIR, JAMMUandKASHMIR) देश में पहली बार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) बड़ी सफलता हासिल हुई |विभिन्न मूल्यवान धातुओं के भंडार खोजने के लिए लगातार प्रयासरत GSI ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में लिथियम के भंडार का पता लगाया है। इस लिथियम की अनुमानित मात्रा 5.9 मिलियन टन है। लिथियम एक ऐसा नॉन फेरस मेटल (अलौह धातु) है, जिसका उपयोग मोबाइल-लैपटॉप, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) समेत अन्य चार्जेबल बैटरी बनाने में किया जाता है। यह एक रेअर अर्थ एलिमेंट है। भारत लिथियम के लिए अभी पूरी तरह दूसरे देशों पर निर्भर है। 2020 से भारत लिथियम आयात करने के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर रहा। भारत अपनी लिथियम-ऑयन बैटरियों का करीब 80% हिस्सा चीन से मंगाता है। भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और बोलिविया जैसे लिथियम के धनी देशों की खदानों में हिस्सेदारी खरीदने पर काम कर रहा है। खोज के की उपलब्धि से देश के लिए आत्मनिर्भर बनना आसान हो गया है |


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