राहुल की सदस्यता नियमो के विरुद्ध रद्द हुई, राष्ट्रपति  का हस्तक्षेप ज़रूरी था- पीडीटी आचार्य,पूर्व लोकसभा महासचिव
(India) पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य अनुसार संविधान के आर्टिकल-103 के मुताबिक, जब भी किसी संसद सदस्य की सदस्यता पर सवाल उठता है और उसकी सदस्य्ता भंग करनी होती है तो तो इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और राष्ट्रपति ही इस पर फैसला करेंगे। राष्ट्रपति भी अपना फैसला लेने से पूर्व चुनाव आयोग से पूछेंगे और चुनाव आयोग की राय पर राष्ट्रपति फैसला करेंगे।

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