(NewDelhi, NewDelhi)
सरकार ने इस साल 12% ब्रांडेड दवाओ की कीमतों में बढ़ोतरी की है एसे मे सरकार ने सुविधा के तौर पर जेनरिक दवाइयां उपलबध की है जो की हर छोटे-बड़े शहर में जन औषधि केंद्र के रूप में बनी हुई हैं और इनकी कीमत कम होती है। सरकारी अस्पताल, डिस्पेंसरी और चिकित्सा केंद्र से भी सस्ती दवाइयां ले सकते हैं। अब ऐसे में आप सोच रहे होंगे की जनरेटिक दवाइयां आखिर कोन सी दवाई होती है | आमतौर पर जेनेरिक दवाइयां उन दवाओं को कहा जाता है जिनका कोई अपना ब्रांड नेम नहीं होता है। वह अपने सॉल्ट के नाम से ही मार्केट में जानी-पहचानी जाती है। पैकेजिंग से लेकर मार्केट में आने तक इन दवाइयों का कोई प्रचार-प्रसार नहीं होता है। ये दवाइयां मरीज के शरीर पर ब्रांडेड दवाइयों जितना ही काम करती है।जेनरिक दवाइयां बनाने में उन्हीं फार्मूलों और सॉल्ट यूज किया जाता है, जो ब्रांडेड कंपनियां पहले ही प्रयोग कर चुकी हैं। सेफ्टी, क्वालिटी और रिव्यू के बाद ही सरकार जेनेरिक दवाओं को मंजूरी देती है।
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