अमर शहीद ऊधम सिंह जी का बलिदान दिवस आज
(India) Sardar Udham Singh: ये कहानी है,19साल के नोजवान ऊद्धम की,6 साल की उम्र में ही पिता का साया सिर उठ गया.उद्धव ने घर की सारी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करना शुरू कर दिया.और वह इतनी कम उम्र में घर से निकल गया,जिससे की घर कि रोज़ी-रोटी चला सके.देखते ही देखते काफ़ी समय बीत गया.ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर ज़िले के सुनाम गाँव में हुआ था.सन् 1919 के बाद क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आज़ादी की लड़ाई में शामिल हो गए.देश की आज़ादी और डायर को मारने के लिए लगातार काम करते रहे.

जलियाँवाला बाग के मुख्य आरोपी माइकल ओ डायर से बदला लेने वाले ऊधम सिंह का निधन 31 जुलाई 1940 में हुआ था.

13 अप्रैल सन् 1919 में जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का ऊधम पर गहरा असर पड़ा.

जलियाँवाला हत्याकांड के लिए पंजाब के लेफ़्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ डायर को दोषी पाया गया.

सन् 1940 में इंग्लैंड में मीटिंग के दौरान एक भरे सभागार में ऊधम सिंह ने माइकल ओ डायर को गोली मारकर बदला पूरा किया.

31 जुलाई 1940 में ऊधम सिंह को फाँसी दी गई और उस ही जेल दफ़्न कर दिया गया.

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