(India)
भारत के चंद्रयान 3 के बाद रूस ने चाँद पर 11 अगस्त को अपना मिशन लूना-25 लांच किया था. आज 16 अगस्त को रूस का लूना-25 स्पेसक्राफ्ट चांद की 100 Km की कक्षा में पहुंचेगा. जानकारी के मुताबिक लूना-25 के इंजन कुछ देर के लिए फायर किए जाएंगे ताकि स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा की ग्रेविटी में कैप्चर हो सके. बताया जा रहा है कि लूना-25 स्पेसक्राफ्ट में सिर्फ लैंडर है जो एक साल तक काम करेगा. बता दे कि इस यान को सोयूज 2.1बी रॉकेट के जरिए मॉस्को से करीब 5,550 किमी ईस्ट में बसे अमूर ओब्लास्ट के वोस्तोनी कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया था. जानकारी के मुताबिक यह स्पेसक्राफ्ट 21 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा. दरअसल रूस द्वारा भेजे गए इस यान का मकसद चाँद पर पानी की खोज करना है.
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