क्या है भूत प्रेत के पीछे की सच्चाई ? आइए जानते है विज्ञान की दृष्टिकोण से
(India) हमनें अक्सर भूतों के बारे में पढ़ा और सुना है. लेकिन ये सच में होते हैं या नहीं, इस पर बहस कभी खत्म ही नहीं होती है. लेकिन यहां हम इसको विज्ञान की दृष्टिकोण से जानने की कोशिश करेगें. रिसर्च के आधार पर भूतों के अहसास या भ्रम होने के पिछे कुछ कारण बताये गए है. आइए इसको जानते है.

1 साइंस के अनुसार हवा की क्वालिटि खराब होने के कारण से भी भूतों के एहसास होते है. खराब हवा की वजह से दीवारों पर टॉक्सिक मोल्ड यानि काले रंग की फफूंद लग जाती है. इससे सांस लेने में दिक्कत होती है और इसका सीधा असर दिमाग पर होता है. ऐसे में कई बार गुस्सा आता है, डर लगने लगता है और याददास्त कमजोर होने लगती है. साइंटिस्ट्स के अनुसार ये सारे लक्षण उन लोगों में भी देखे गए है, जिन्हें पैरानॉर्मल एक्टिविटि यानि भूत का एहसास होता है.

2 कार्बन मोनॉक्साइड पॉइजनिंग की वजह से दम घुटता है और कमजोरी का एहसास होता है. ऐसे में लोग इसको भूतों से जोड¬़ कर देखने लगते है. दरअसल कार्बन मोनॉक्साइड जहरीली गैस होती है और हवा में कम मात्रा में होने पर भी बहुत ज्यादा हानिकारक होती है.

3 पेरिडोलिया यानि किसी भी चीज़ में कोई आकृृृति दिखने पर भी लोग इसको भूत प्रेत मान लेते है. वैसे तो इसको आंखों का धोखा कहा जाता है, लेकिन कई रिसर्च इसको सुपरनैचुरल चीजों से जोड़ते है. रिसर्च के अनुसार ऐसा जब होता है जब कोई व्यक्ति अचानक से अपने किसी खास को खो देता है. ऐसी स्थिति में लोगों को उनके चेहरे दिखते है और उनके पास होने का एहसास होता है. और इसी को लोग भूत प्रेत का नाम देते है.

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