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राजस्थान के कोटा में 1400 करोड़ रुपए की लागत से चंबल रिवर फ्रंट बनकर तैयार हो चुका है. दावे के अनुसार कहा जा रहा है कि कोटा का ये रिवर फ्रंट अकेले ही 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएगा. यह कुल मिलाकर लगभग साढ़े पांच किलोमीटर एरिया में फैला हुआ है, जो टूरिस्ट के लिए काफी ज्यादा आकर्षक प्लेस है. कोटा का ये रिवर फ्रंट वसुधैव कुटुंबकम थीम पर बनकर तैयार हुआ है और इसमें 22 घाट है और सारे घाट की अलग-अलग कहानी है. जानकारी के अनुसार इस अनोखे रिवर फ्रंट मॉडल को देखने के लिए पहली बार 25 देशों के राजदूत भी उपस्थित रहेंगे. दावा है कि इस रिवर फ्रंट में संगमरमर से बनी 242 फीट की चंबल माता की प्रतिमा विश्व में पहली प्रतिमा है और इसमें कलश में से एक घंटे में 7 लाख लीटर पानी गिरेगा. इसके अलावा इस रिवर फ्रंट में जवाहर घाट पर विश्व का सबसे बड़ा पंडित जवाहर लाल नेहरू का गनमेटल से बना मुखौटा लगाया गया है, और यह मुखौटा 12 मीटर ऊंचा और 3 मीटर चौड़ा है. इस मुखौटा यानि फेस मास्क से रिवर फ्रंट का पश्चिमी छोर देख सकेंगे. बता दे कि नेहरू जी ने ही कोटा बैराज का लोकार्पण किया था. यहाँ नंदी घाट में 1 हजार टन किलो वजन वाली 15 फीट चौड़ी व 20 फीट ऊंची नंदी की प्रतिमा लगायी गई है जो एक ही पत्थर पर बनाई हुई है. इस सबके अलावा इस रिवर फ्रंट में एक और घाट ब्रह्मा घाट है. इस ब्रह्मा घाट में सबसे बड़ी घंटी बनाई गई है और इस घंटी की खास बात यह है कि इसकी आवाज़ 8 किमी दूर तक सुनाई देगी. ब्रह्मा घाट में लगे इस घंटे ने सबसे बड़ा घंटा होने का रिकॉर्ड दर्ज किया है.
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