14 दिनों की रात के बाद चंद्रमा के साउथ पोल पर एक बार फिर सूरज की रोशनी पहुंची, लैंडर और रोवर को जगाने की प्रक्रिया शुरू
(India) 14 दिनों की रात के बाद चंद्रमा के साउथ पोल पर एक बार फिर सूरज की रोशनी पहुंचने लगी है। ऐसे में स्लीप मोड़ में डाला गया चंद्रयान-3 को एक्टिव मोड में करने की कोशिश जारी है। आपको बता दे की चंद्रमा की साउथ पोल 14 दिनों का रात और 14 दिनों का दिन होता है। इसरो ने 4 सितंबर को लैंडर को स्लीप मोड में डाला था। इससे पहले 2 सितंबर को रोवर को स्लीप मोड में डाला गया था। वहीं 14 दिनों के बाद एक बार फिर से चांद पर रौशनी पड़ने लगी है। चांद के साउथ पोल में माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तापमान भी अब गलने लगा है। ऐसे में लैंडर और रोवर को इसरो के वैज्ञानिक जगाने की कोशिश में लेगे है। घरती से चाँद पर हैलो प्रज्ञान, हैलो विक्रम... हम भारत से बोल रहे हैं, वहां तक आवाज पहुंच रही है न, जवाब दो। कुछ इसी तरह की बातों को सिग्नल के जरिए इसरो के साइंटिस्ट इस वक्त भेज रहे हैं।

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