दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने दिया फिर झटका
(India) मनीष सिसौदिया की जमानत याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 8 महीने में पूरा हो ट्रायल, देरी हुई तो जमानत के लिए दोबारा कर सकते हैं अपील मनीष सिसौदिया ने 1 मार्च 2023 को दिल्ली के डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसौदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सोमवार (30 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सिसौदिया की ओर से दायर जमानत याचिका खारिज कर दी | न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के माध्यम से सिसोदिया के खिलाफ जांच किए जा रहे मामलों पर अपना फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एस वी एन भट्टी की बेंच ने ये फैसला सुनाया है। पीठ ने 17 अक्टूबर को दोनों याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने 17 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा था कि अगर दिल्ली की उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत 'अपराध की आय' का हिस्सा नहीं है ', तो संघीय एजेंसी के लिए सिसौदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप साबित हो सकता है। ऐसा करना कठिन होगा |
उपमुख्यमंत्री और उत्पाद शुल्क मंत्री के पद पर रहते हुए, वह एक 'प्रभावशाली' व्यक्ति हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ आरोप 'बहुत गंभीर प्रकृति' के थे।

Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।