सात हत्याकांड,चश्मदीद गवाह,फिर कैसे छूटे माफिया ब्रिजेश सिंह
(India) सूत्रों के मुताबिक़ ब्रिजेश सिंह 37 साल पहले यूपी के गांव सिकरौरा में रात के अंधेरे में बदमाश को लेकर ग्राम प्रधान रामचन्द्र यादव के घर में घुस कर घटना का इंजाम दिया | अंदर घुसते ही उन्होंने लोगों बहुत दर्दनाक तरिके से काटना और गोली चलाना शुरू कर दिया | उस रात 7 लोगों की हत्या की गई, जिनमें से 4 बच्चे थे |इस मामले में आरोपी ब्रिजेश सिंह बाद में माफिया और फिर एमएलसी बन गये |
इस दर्दनाक घटना में पुलिस, कानून और न्याय का ऐसा सच कैद है कि भारत तो क्या पूरी दुनिया में इसकी कोई दूसरी मिसाल नहीं मिलेगी। ये सच्चाई ऐसी है जिसे सुनकर भी आपको अपने कानों पर यकीन नहीं होगा, लेकिन आपको विश्वास करना होग |क्योंकि ये सच है

माफिया ब्रिजेश सिंह उसरी चट्टी हत्याकांड का मुख्य आरोपी है | ब्रिजेश पर अपने साथियों के साथ मिलकर मुख्तार अंसारी के काफिले पर जानलेवा हमला करने का आरोप है, कहा जाता है कि इसी हमले में पहली बार AK47 का इस्तेमाल किया गया था | इसी मामले में जेल में बंद ब्रिजेश सिंह 4 अगस्त 2022 को जमानत पर रिहा हुए थे |
जमानत आवेदन के निस्तारण के संबंध में उच्च न्यायालय या जिला सत्र न्यायालय से संबंधित केस डायरी की मांग की जाती है और केस डायरी को लंबे समय तक वहां लंबित रखा जाता है, जिसके कारण जांच बाधित होती है। ऐसे में केस डायरी भेजने से पहले केस डायरी की एक फोटोकॉपी बनाकर अपने पास सुरक्षित रख लेनी चाहिए ताकि आगे का विश्लेषण किया जा सके |

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