(India)
भारत के संसद भवन में धुआं मची अफरा- तफरी के बीच नए ख़ुलासे सामने आ रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह एक सोची समझी साजिस के तहत काम को अंजाम दिया गया। युवकों का इरादा दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचने का था। जिसकी साजिश एक साल से चल रही थी। आपको बता दे की लोकसभा में गदर काटने वाले सागर शर्मा और मनोरंजन डी के साथ-साथ संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे अमोल और नीलम से प्रारंभिक पूछताछ में होश उड़ाने वाली बातें सामने आई हैं। साथ ही इन षडयंत्रकारियों के एक हैंडलर का भी पता चला है जिसका नाम ललित झा है। उसने अपने इंस्टाग्राम पर आखिरी पोस्ट डाला था, 'भारत को कुछ चाहिए तो वह है एक बम। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अपने ही देश और देशवाशियों के लिए कितना ज़हर भरा हुआ है ललित झा जैसे लोगों में। इन चारों लोगो में से एक ने कथित तौर पर दो बार संसद की रेकी की थी। पहली बार मानसून सत्र के दौरान और दूसरी बार हाल ही में 18 सितंबर को संसद के विशेष सत्र के दौरान, जब नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह और उसके साथी भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े थे। जांच में आगे यह भी पता चला कि इस समूह के वामपंथी चरमपंथी समूहों से संबंध हो सकते हैं।
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