हिंडाल्को को उड़ीसा में एक खदान देने के मामले में अक्टूबर 2013 में दर्ज कराई गई एक एफआईआर से आदित्य बिड़ला ग्रुप का पीछा छूटता नहीं दिख रहा है। बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को को यह खदान 2006 में दी गई थी। इस एफआईआर के आधार पर टैक्स से जुड़ी एक जांच में सेटलमेंट कमिशन ने इस ग्रुप की एक इकाई आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एबीएमसीएल) से 150 करोड़ रुपये की पेनाल्टी मांगी है। इस रकम में टैक्स, पेनाल्टी और ब्याज शामिल हैं। सेटलमेंट कमिशन सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के तहत आता है। टैक्स से जुड़े विवाद सुलझाने का यह एक मंच है। अक्टूबर 2013 में इनकम टैक्स विभाग ने नई दिल्ली में आदित्य बिड़ला ग्रुप के एक कॉरपोरेट ऑफिस से 25 करोड़ रुपये जब्त किए थे। इससे ठीक पहले सीबीआई ने हिंडाल्को के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस कोयला घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन कोयला सचिव पी सी पारख और ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला पर आरोप लगाया था। बताया जाता है कि सीबीआई की सर्च टीम से मिली सूचना के आधार पर इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी बिड़ला ग्रुप के कॉरपोरेट ऑफिस तक पहुंचे थे। शुरू में टैक्स विभाग ने हिंडाल्को से 25 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा था, लेकिन जब पता चला कि पैसा एबीएमसीएल का है तो जांच की सूई इसकी ओर घूम गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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