विश्वविद्यालय अनुदान ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए दस्तावेजों को राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराने के झंझट से मुक्ति दे दी है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को छात्रों से स्व प्रमाणित प्रमाणपत्र ही स्वीकार करने का निर्देश दिया है। अब तक छात्रों को अंक, जन्म और अन्य जरूरी प्रमाणपत्रों की प्रति किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराना होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर अमल करते हुए विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च नियामक संस्था ने सभी कुलपतियों को इस बाबत पत्र लिखा है। इसमें कुलपतियों से शपथपत्र के प्रावधान को हटाने व स्व-प्रमाणित प्रमाणपत्र स्वीकार करने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, पत्र के जारी होने की तिथि से एक सप्ताह के अंदर अनुपालन रिपोर्ट भी भेजने को कहा गया है।
Digital Desk: Kamal
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