चुनाव आयोग ने दिल्ली की तीन रिक्त विधानसभा सीटों पर हालांकि उपचुनाव कराए जाने का ऐलान कर दिया है लेकिन यह भी संभावना है कि ऐसा न हो. विधानसभा भंग करने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार को जवाब देना है। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विजय से उत्साहित भाजपा दिल्ली में भी चुनाव कराकर बहुमत की सरकार बनाने की रणनीति में लगी है. इसके मद्देनजर यह माना जा रहा है कि दिल्ली में विधानसभा भंग कराकर मध्यावधि चुनाव कराए जाएंगे. उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे विधानसभा भंग करने की मांग से संबंधित मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी है. सूत्रों के मुताबिक एक तरफ जहां सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने की तैयारी की है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा दिल्ली में मध्याअवधि चुनाव की रणनीति बना रही है.भाजपा के तमाम नेताओं का मानना है कि दिल्ली में उपचुनाव कराना भाजपा के लिए घाटे का सौदा होगा क्योंकि उपचुनाव में तीनों सीटों पर विजय हासिल करने के बाद भी भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं होगा. तीन सीटें रिक्त हो जाने के बाद भाजपा के पास 29 विधायक हैं जबकि उपचुनाव का परिणाम आने के बाद भाजपा को सरकार बनाने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होगी.
Digital Desk: Kamal
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