इसे टूर ऑफ ड्यूटी स्कीम कहा गया था. बताया जा रहा है कि अभी सेना के अधिकारियों और सरकार के बीच कुछ और मीटिंग इस मुद्दे पर होगी और इसके बाद इसे फाइनल कर दिया जाएगा. कई कॉरपोरेट कंपनियां इस तरह के जवानों को अपने यहां भर्ती करने में दिलचस्पी दिखा चुकी है.
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।