राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक मची है रार, आखिर क्या है ERCP; जानिए सबकुछ
(India) इन दिनों राजस्थान में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना यानी ईआरसीपी को लेकर रार मची हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसको लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री तक पर निशाना साध रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अशोक गहलोत के बीच भी शाब्दिक जंग खूब चल रही है। इन सारे विवादों के बीच आइए जानते हैं आखिर ईआरसीपी है क्या?
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दिमाग की उपज है। इस प्रोजेक्ट के जरिए पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों को जोड़ने की योजना बनी थी। नहरों का जाल बिछाकर इस प्रोजेक्ट के जरिए राजस्थान के पूर्वी हिस्से के 13 जिलों को लाभ पहुंचाने का प्लान है। जिन जिलों का इसका लाभ मिलेगा उनके नाम हैं, अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारा, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर, करौली। इस प्रोजेक्ट के जरिए इन जिलों में पीने के पानी और 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के पानी की जरूरत पूरी होती रहेगी।
ईआरसीपी के जरिए राजस्थान के 23.67 फीसदी इलाके को कवर किए जाने की योजना है। इसके साथ ही इस योजना से राज्य की 41.13 फीसदी आबादी को लाभ मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों और सात साल में पूरा होना है। इसके लिए जो बजट तय किया गया है वह 40 हजार करोड़ का है। चूंकि इतनी बड़ी राशि के प्रोजेक्ट को राज्य अकेले दम पूरा नहीं कर सकता इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बार-बार ईआरसीपी को केंद्र से राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि नेशनल प्रोजेक्ट घोषित होने की सूरत में प्रोजेक्ट के कुल खर्च का 90 फीसदी केंद्र सरकार को देना होगा।



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