अग्निवीर अपनी मर्जी से नहीं छोड़ पाएंगे नौकरी, 4 साल का कार्यकाल पूरा करना होगा
(India) पहले साल सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर 46 हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। अगले 4 से 5 सालों में इसे बढ़ाकर 50 से 60 हजार और उसके बाद 90 हजार से 1 लाख 20 हजार भर्तियां की जाएंगी।

पहले साल युवाओं को 30 हजार रुपए महीने पर रखा जाएगा। EPF/PPF को मिलाकर पहले साल अग्निवीर 4.76 लाख रुपए कमा पाएंगे। सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को 4 साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इस बीच वो अपनी मर्जी से नौकरी नहीं छोड़ सकते। सिर्फ कुछ स्पेशल कंडीशन में ही अग्निवीर नौकरी छोड़ सकते हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें होने ऑफिसर से परमिशन लेनी पड़ेगी। जो अग्निवीर बीच में नौकरी छोड़ेंगे, उन्हें सेवा निधि का वो हिस्सा दिया जाएगा, जिसमें उनका योगदान है, लेकिन सरकारी हिस्से की रकम उन्हें नहीं मिलेगी।

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