(India)
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी एसोसिएशन (आइबा) से मान्यता प्राप्त बाक्सिंग इंडिया चुनाव कराएगा लेकिन इससे पहले ये विवादों में फंस गये क्योंकि चुनावों से पहले हेराफेरी करने के आरोप लगाये गये हैं। चुनावों के बाद जो संस्था सामने आएगी उसे बाक्सिंग इंडिया के नाम से जाना जाएगा। पहले इसे भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) के नाम से जाना जाता था लेकिन उसे दिसंबर 2012 में निलंबित और फिर इस साल के शुरू में बर्खास्त कर दिया गया था। आइबा के पर्यवेक्षक कानूनी मैनेजर क्लाइओडन गाइ और विश्व संस्था में भारत के प्रतिनिधि किशन नारसी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे जिससे बाक्सिंग इंडिया के भाग्य का फैसला होगा। मतदान के बाद किसी तरह के आरोपों से बचने के लिये पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। नई संस्था के गठन के बाद मुक्केबाज भी राहत की सांस लेंगे क्योंकि इससे वे प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय ध्वज तले भाग ले पाएंगे। इसके अलावा उन्हें विदेशों में खेलने के अधिक आमंत्रण मिलेंगे क्योंकि महासंघ के निलंबन के कारण अभी तक ऐसा नहीं हो पा रहा था।
Digital Desk: Shiv Kishor
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