भारत पहले दो सेट गंवाने के बाद तीसरे सेट में ब्रेक पर था और लग रहा था कि 2010 का चैंपियन आसानी से इसे जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लेगा। लेकिन तीसरे सेट के छठे गेम से नाटकीय तरीके से चीजें भारत के पक्ष में चली गयी। इसके तुरंत बाद जिमोनजिच को पीठ दर्द के कारण टाइम आउट लेना पड़ा। बोपन्ना ने अपनी शानदार सर्विस से दबाव बनाने की शुरूआत की जबकि पेस ने अपनी चपलता से सभी प्रभावित किया। उनका अनुमान बेहद सटीक था और हर बार स्टेडियम में मौजूद 5000 दर्शकों ने उनके लिये जमकर तालियां बजायीं। बोपन्ना शुरू में सर्विस से जूझ रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने इस पर नियंत्रण बनाया जिससे भारत वापसी करने में सफल रहा। पहले दो सेट में पेस का जादू भी देखने को नहीं मिला और तब सर्बियाई सीधे सेटों में जीत दर्ज करने की तरफ बढ़ रहे थे।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।