(India)
इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान रोने और उल्टी करने वाले पिस्टोरियस सजा सुनाये जाने के समय स्तब्ध खड़े रहे । जज थोकोजिले मासिपा ने कहा ,‘ गैर इरादतन हत्या के लिये पांच साल की सजा सुनाई जाती है ।’ पिस्टोरियस को बंदूक रखने के जुर्म में तीन साल की निलंबित सजा भी सुनाई गई। मासिपा ने कहा कि वह कठोर दंड, पुनर्वास और दूसरों को इस तरह की वारदात को अंजाम देने से हतोत्साहित करने के बीच संतुलन बनाना चाहती थी । उन्होंने बचाव पक्ष के इस दावे को अस्वीकार कर दिया कि विकलांग एथलीट को जेल में कुछ विशेष तरह की परेशानियां पेश आ सकती हैं । उन्होंने कहा ,‘ देश के लिये यह दुखद दिन होगा अगर यह धारणा बनाई गयी कि गरीबों और वंचित वर्ग के लिये अलग और अमीर तथा मशहूर लोगों के लिये अलग कानून है ।’ पिस्टोरियस के अपराध की गंभीरता के बारे में जज ने कहा कि वह घोर लापरवाही का जिम्मेदार रहा है ।
Digital Desk: Shiv Kishor
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