मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
ज्योतिषाचार्य पं. चंद्रमोहन दाधीच के अनुसार स्वतंत्र भारत की वृष लग्न कुण्डली की दृष्टि से भारत के लिए शनि समृद्धिदायक रहेगा। यह आर्थिक मजबूती व विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने वाला होगा। विदेशी नामी कंपनियां भारत में विनिवेश के लिए आतुर होंगी।
इससे आम जनता को रोजगार के अवसर सर्वसुलभ होंगे। यह तेल, डीजल, ऑयल, पेट्रोल, लोहा व कीमती धातुओं के मूल्यों पर नियंत्रण करने वाला भी होगा। स्वच्छ छवि वाले राजनेताओं के लिए उन्नतिदायक व भ्रष्टाचारियों के प्रति न्यायप्रिय शनि दण्डात्मक नीति अपनाएगा। तुला राशि के लिए कारक शनिदेव विकास के मार्ग प्रशस्त क रेगा। विलंम्बित कार्यो व योजनाओं को सुचारू करेगा।
जिनके हैं शनि की साढ़े साती व ढैय्या, वे करें ये उपाय
जिन राशि वालों का साढ़े साती व ढैय्या शुरू हो रही है। उनकी जन्मकुण्डली के अनुसार शनि श्रेष्ठ स्थान पर स्थित हो तथा दशा व अन्तरदशा भी श्रेष्ठ चल रही हो, उनके लिए शनि अशुभ फल कम देगा। फिर भी शनि के अनिष्ठ फल निवारण के लिए छायापात्र दान, शनिमंत्र जप, शनिवार को व्रत, शनिवार को पीपल का पूजन श्रेष्ठ फलदायी होगा।
शनि ग्रह के राशि परिवर्तन करने से राशियों पर रहेगा यह प्रभाव
राशि - पाया - फल
मेष, कन्या, कुंभ - सोना - दौड़धूप की अधिकता रहेगी, इसलिए स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
वृष, सिंह, धनु - तांबा - मिले-जुले सामान्यफल की प्राप्ति हो पाएगी। इसलिए शान्ति बनाए रखें।
मिथुन, तुला, मकर - चांदी - मान-सम्मान के साथ, सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी के अवसर मिलेंगे। अवसर हाथ से नहीं जाने दें।
कर्क, वृश्चिक, मीन - लोहा - शारीरिक कष्ट तो होगा परन्तु उन्नति व धन प्राप्ति के अवसर भी प्राप्त होंगे।
Digital Desk: Shiv Kishor
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