एजेंटों की किल्लत दूर करने के बहाने उनका कमीशन बढ़ाने की कोशिश आम निवेशकों के लिए महंगी साबित होने वाली है। सूत्रों के मुताबिक इरडा ने बीमा बिल पर संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण के दौरान एजेंटों का कमीशन बढ़ाने की वकालत की है। यदि बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) का यह सुझाव मान लिया जाता है तो न केवल बीमा उत्पाद महंगे हो जाएंगे, बल्कि निवेशकों का मुनाफा भी कम हो जाएगा सितंबर, 2014 के आंकड़े के मुताबिक बीमा व्यवसाय से तकरीबन 21.5 लाख एजेंट जुड़े हैं। दिसंबर, 2010 में इनकी संख्या 27.1 लाख थी। एजेंटों की संख्या में यह कमी बीमा कंपनियों को खटक रही है। बीमा व्यवसाय में एजेंटों के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीमा पॉलिसी की नई बिक्री का करीब 50 फीसदी आम एजेंटों के जरिये आता है। इरडा का मानना है कि बीमा एजेंटों की संख्या में कमी की मूल वजह उनके कमीशन में कटौती रही है।
Digital Desk: Kamal
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