3 बड़े बैंकों ने फ्री ATM यूज की लिमिट तय की
(India) लेकिन, अब धीरे-धीरे इसे कई बड़े बैंक लागू करने लगे हैं। एसबीआई के बाद अब इस फेहरिस्त में नाम जुड़ा है एचडीएफसी, ऐक्सिस बैंक और यूनियन बैंक का। पिछले महीने आरबीआई ने कहा था कि 1 नंवबर से बैंक 6 मेट्रो-दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, हैदराबाद और बेंगलुरु में खाताधारकों से महीने में 5 से ज्यादा बार एटीएम का प्रयोग करने पर उनसे चार्ज ले सकते हैं। साथ ही थर्ड पार्टी (नॉन होम) यानी दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में 5 बार मुफ्त निकासी की सीमा को घटाकर तीन बार कर दिया गया था। 1 दिसंबर से एचडीएफसी और ऐक्सिस बैंक पांच ट्रांजैक्शन के बाद एटीएम से प्रति ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलेंगे। यानि आप इन एटीएम से केवल 5 बार तक ही मुफ्त ट्रांजैक्शन कर पाएंगे, इसके बाद हरेक ट्रांजैक्शन पर 20 रुपए और ट्रांजैक्शन टैक्स देना होगा। साथ ही दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट तीन बार होगी। यह नियम 6 मेट्रोे शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, बेंगलुरु और हैदराबाद में लागू होगा। यूनियन बैंक अपने कस्टमर्स को महीने में 8 बार फ्री ट्रांजैक्शन्स करने सुविधा देगा। इसके बाद वह हरेक ट्रांजैक्शन पर 15 रुपए का चार्ज लेगा, जिस पर टैक्स भी लगेगा। यूनियन बैंक के कस्टमर्स के लिए दूसरे बैंक के एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन करने की लिमिट महीने में 3 ट्रांजैक्शन की होगी। इसके बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन चार्जेबल होगा। बैंकों ने अपने इस कदम के बारे में कहा कि एक महीने में 8 ट्रांजैक्शन की लिमिट कस्टमर्स के लिए पर्याप्त है। लेकिन कस्टमर्स का कहना है कि उनके खुद के फंड्स के लिए उन पर चार्ज लगाना सही नहीं है वह भी ऐसे समय में जबकि बैंक ब्रांच कॉस्ट जाने में कमी लाए जाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही कस्टमर्स का कहना है कि उन्हें अपने घर के नजदीकी एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा मिलनी चाहिए न कि सिर्फ इसलिए दूर स्थित एटीएम जाना चाहिए क्योंकि थर्ड पार्टी एटीएम (दूसरे बैंक के एटीएम) ने विदड्रॉल की लिमिट तय कर दी है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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