जल्द आएंगी बॉडी पार्ट्स से पावर लेकर चलने वाली कारें
(India) रिसर्चर्स ने बेहद हल्के सुपरकैपैसिटर्स डिवेलप किए हैं, जिन्हें कार की छत, दरवाजों और बोनट जैसे जगहों तक में लगाकर कार की परफॉर्मेंस बढ़ाई जा सकती है। ये सुपरकैपैसिटर्स इलेक्ट्रिक कारों की परफॉर्मेंस डबल कर सकते हैं। इन सुपरकैपैसिटर्स को रेग्युलर बैटरीज़ के साथ जोड़ने पर इलेक्ट्रिक कार की पावर बहुत बढ़ जाती है। कार्बन के दो इलेक्ट्रोड्स के बीच बहुत ज्यादा घनत्व वाला इलेक्ट्रोलाइट भरकर ये कैपेसिटर्स बनाए गए हैं। इन्हें एक बेहद पतली शीट में फिट किया गया है। इस शीट को कार के बॉडी पैनल्स, छत, दरवाजों और फ्लोर में लगाया जा सकता है, जिससे कार की बैटरी चंद मिनटों में चार्ज हो जाएगी। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी में पीएचडी रिसर्चर मार्को ने बताया कि इस तरह से कार अपने बॉडी पार्ट्स से मिलने वाली पावर से चला करेगी। उनके मुताबिक गाड़ियों को एक्सेलरेशन के लिए अतिरिक्त पावर चाहिए होती है जो इन सुपरकैपैसिटर्स से मिलेगी। इनमें कैपैसिटर्स में थोड़ा सा ही चार्ज होता है, लेकिन खासियत यह है कि वे तुरंत इसे रिलीस करते हैं जिससे परफॉर्मेंस बढ़ जाती है। अभी तक सुपरकैपैसिटर्स को स्टैंडर्ड लीथियम आयन बैटरीज के साथ कंबाइन किया गया है। भविष्य में इन्हें और ज्यादा विकसित किया जाएगा, जिससे ये 10 गुना ज्यादा स्पीड से पावर रिलीस कर पाएंगे। एक बार पूरी तरह से चार्ज हो जाने पर कार करीब 500 किलोमीटर चलेगी, जो कि इलेक्ट्रिक कारों की मौजूदा कैपैसिटी से लगभग डबल है। ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह खोज गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह रिसर्च जर्नल ऑफ पावर सोर्सेस और नैनोटेक्नॉलजी जर्नल में छपा है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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