(India)
यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) ने कल बताया कि रेफ्रिजरेटर के आकार वाला प्रोब ‘फाइली’ पृथ्वी से 51 करोड़ किमी से अधिक दूरी पर स्थित 67पी..चुरयूमोव गेरासिमेन्को नामक धूमकेतु पर उतरा। अपने मूल यान रोजेट से अलग होने के सात घंटे बाद जब फाइली धूमकेतु की सतह पर पहुंचा तो शुरूआती रेडियो संकेतों से पता चला कि उसने संभवत: खुद को वहां नर्म सतह पर स्थापित किया या धीरे से उठ कर फिर से उसने सतह को स्पर्श किया। फाइली के प्रबंधक स्टीफन उलामेक ने जर्मनी के फार्मस्टैड स्थित नियंत्रण कक्ष से बताया, ‘ संभवत: आज ऐसा एक बार नहीं बल्कि दो बार हुआ । ’ उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रोब सतह पर उतरने की मूल स्थिति से अलग स्थिति में होगा और आंकड़े जुटाना जारी रखेगा। स्टीफन ने बताया कि फाइली में लगे कई उपकरणों ने आंकड़े भेजे हैं। बहरहाल, इंजीनियर अभी यह पता लगा रहे हैं कि करीब 100 किलोग्राम वजन वाले प्रोब के धूमकेतु की सतह पर पहुंचने के बाद उसके हारपून (चप्पूनुमा रचनाएं) बाहर की ओर क्यों नहीं खुल पाए । ये हारपून प्रोब को कम गुरूत्वाकषर्ण वाले धूमकेतु की सतह पर किसी एक ओर झुकने से बचाने के लिए लगाए गए हैं।
Digital Desk: Shiv Kishor
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