रोसेटा की तरफ से जवाबी ट्वीट में कहा गया, ‘ओके. फाइली, मुझे यह मिल गया है, आराम करो।’ ईएसए ने कहा कि तस्वीरें लेने, धूमकेतु के घनत्व, तापमान, बनावट और वातावरण की जांच के लिए तीन दिन तक अनवरत काम करने के बाद इसकी रोबोट प्रयोगशाला ‘निष्क्रिय अवस्था’ में पहुंच गई है। सभी उपकरण और अधिकांश प्रणालियां बंद हो गई हैं। एक बयान में कहा गया, ‘निष्क्रिय होने से पहले लैंडर अपने जुटाए गए सभी वैज्ञानिक ब्यौरे को भेजने में सफल रहा।’ लैंडर और इसके डाटा को प्रसारित करने वाले रोसेटा उपग्रह में हर रोज केवल दो संचार खिड़कियां काम कर रही थीं। इनमें से अंतिम कल भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खुली और धूमकेतु के पीछे कक्षा में चक्कर लगाते रोसेटा के अदृश्य होते ही भारतीय समयानुसार अगली सुबह छह बजकर छह मिनट पर यह संचार खिड़की बंद हो गई।
Digital Desk: Shiv Kishor
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