(Digod, Kota)
विधायक प्रहलाद गुंजल की धमकी से परेशान कोटा सीएमएचओ आर एन यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीएमएचओ के साथ दो डिप्टी सीएमएचओ ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है, वहीं मामले को लेकर विधायक प्रहलाद गुंजल की मुसीबत और बढ़ती जा रही है। सीएमएचओ यादव ने गुंजल के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया है। कोटा उत्तर से भाजपा के विधायक प्रहलाद गंजल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरएन यादव से गुण्डागर्दी पर उतर आए। गुंजल ने सरकारी अधिकारी को खुलेआम धमाकते हुए कहा की मेरा काम नहीं किया तो ऐसा खौफ पैदा कर दूंगा की बच्चों को रात में नींद नहीं आएगी। विधायक इतने गुस्से में थे की उन्होनें यादव के अभद्रता से बात की। कोटा के बीजेपी विधायक प्रहलाद गुंजल की ओर से सीएमएचओ को धमकाने का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के व्यवहार को लेकर भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने सभ्य व्यवहार करने की बात कही है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विधायक की ओर से धमकाने के मामले और परिस्थितियों की पूरी जानकारी नहीं है फिर भी सभ्य नागरिक को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को ओर अधिक सचेत रहने की जरूरत है। कोटा सीएमएचओ के साथ फोन पर गाली-गलौच कर सुर्खियों में आए कोटा उत्तर से भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल सरकार के लिए मुसीबत बन गये हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री तक इस वाक्ये के बाद बयान देने तक से परहेज कर रहे है। जयपुर में सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक से जब बात की गई तो उन्हाेंने बात करने से मना कर दिया, जब दोबारा सवाल किया गया तो उन्होनें कहा उन्हेें इस मसले की जानकारी नहीं है। अगर प्रहलाद गुंजल ने ऐसी कोई बात कही है, तो वो गलत है। उधर, कांग्रेस ने गुंजल के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस मीडिया चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने कहा कि गुंजल के इस बयान से समझा जा सकता है कि सरकार के मंत्री और विधायक किस हद तक सरकारी कारिंदों को कुचलने में लगे हैं, उन्होंने कहा कि गुंजल ने इस तरह के बयान से सिद्ध भी कर दिया है कि बीेजेपी सरकार किस हद तक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर जुल्म ढहा रही है। बीजेपी विधायक के बयान के बाद पार्टी संगठन में भी चर्चाएं चल रही है,, वहीं विपक्ष हमला बोल रहा है तो पार्टी संगठन विधायक के बचाव के मूड में दिखाई दे रही हैं, वहीं पार्टी के आला नेता भी इस मामले को उच्च लेवल का बताकर टालते नजर आए। पार्टी प्रवक्ता ने इस मामले पर कहा कि मामला मीडिया में क्यों गया और किसने भेजा, वहीं इस मामले में रिकार्डिंग क्यों हुई, इसकी जांच पहले जरूरी है, बजाय विधायक के बयान के,,,तो वहीं पार्टी के उपाध्यक्ष रामकिशोर मीणा ने इस मामले को मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष के लेवल का करार दिया।
Author: Shiv Kishor
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