(MAHARASHTRA, India)
भागवत ने सामाजिक सेवा संगठन ‘जाइंट्स इंटरनेशनल’ के 40वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘यह देश के लिए सही समय है। देश से विश्व की अकांक्षाएं बढ़ रही हैं। हमारा मानना है कि देश ने अब हर किसी को इन अकांक्षाओं को पूरा करने के योग्य बनाने की दिशा में काम करना आरंभ कर दिया है।’ उन्होंने 50 मिनट के अपने भाषण में कहा, ‘देश में यह बदलाव सत्ता में परिवर्तन के कारण हो रहा है।’ संघ प्रमुख ने कहा, ‘जिस तरह सत्ता में लोग अब काम कर रहे हैं, उससे बदलाव होता है। परंतु यह पर्याप्त नहीं है। अगर आप देश को अधिक सफल बनाना चाहते हैं तो पूरे समाज को इस मौके पर खड़े होना होगा। अगर ऐसा होता है तो सरकार की उपलब्धियां उपयोगी हो सकती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘समाज को दूसरों और देश के लिए योगदान देना चाहिए। अगर समाज स्वार्थी होता है तो शासन में अच्छे नेता अथवा आदर्श राजनीतिक ढांचा भी अनुपयोगी हो जाता है।’ भागवत ने कहा, ‘अतीत में राजनीतिक परिवर्तन अनुपयोगी हो गए। उस सयम इस तरफ (समाज) से गलती थी और उस तरफ (सरकार) से भी थी।’ करगिल युद्ध के समय एकजुटता की मिसाल देते हुए भागवत ने कहा कि करगिल पूरे राष्ट्र का था। उन्होंने कहा, ‘यद्यपि पाकिस्तान के सैनिक काफी ऊंचाई पर थे, लेकिन हमने युद्ध जीता। हमने करिगल जीता क्योंकि पूरा देश सैनिकों का समर्थन कर रहा था। सड़क पर भिखारी से लेकर सबसे बड़े व्यक्ति तक सभी लोग सीमा पर लड़ रहे सैनिकों के साथ खड़े थे।’ संघ प्रमुख ने कहा, ‘यह हम पर है कि हम देश की प्रगति के लिए रचनात्मक माहौल तैयार करें।’ गोवा के एक दिन दौरे पर पहुंचे भागवत ने धर्मांतरण विरोधी कानून से संबंधित सवाल पर जवाब देने से इंकार किया। उन्होंने कहा, ‘आयोजकों ने मुझसे बात नहीं करने के लिए कहा है।’
Author: JAN TV Editorial Team
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