(BIHAR, India)
बिहार विधान परिषद के बाहर पत्रकारों द्वारा संसद में जारी गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि जिस तरह की बात हो रही है। कभी राष्ट्रपिता के हत्यारे गोडसे को महिमा मंडित करने तथा प्रलोभन देकर धर्मांतरण की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई गोडसे को राष्ट्रभक्त कह रहा है तो कोई उनकी प्रतिमा लगाने एवं स्मारक बनाने की बात कर रहा है क्या इस देश में यही चलेगा। अब कौन से युग में हम पहुंच गए हैं। नीतीश ने कहा कि इन सारे विषयों पर और एक नहीं अनेक विषय हैं। विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री के स्तर पर स्पष्ट बातें कही जाएं कि वह इसे अस्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि सदन को चलाने में सत्तारूढ पक्ष को पहल करनी पडती है और विपक्ष का काम है मुद्दों को उठाना और वे अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें चाहिए कि अपनी तरफ से सारी स्थिति को स्पष्ट कर दें। नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर सदन में दो शब्द बोलेंगे तो उससे उनकी गरिमा बढेगी, घटेगी नहीं। पर लोग इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हैं जिसके कारण संसद में गतिरोध पैदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर संसद में कोई गतिरोध पैदा हुआ है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा पर है और सत्ता पक्ष की है।
Author: JAN TV Editorial Team
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