2007 के वर्ल्ड-कप से बाहर होना क्रिकेट करियर के बदतर लम्हों में शामिल: तेंदुलकर
(India) महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 2007 विश्व कप से भारतीय टीम के जल्द बाहर होने को अपने शानदार क्रिकेट करियर के सबसे बुरे लम्हों में से एक मानते हैं और उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज की निराशा ने चार साल बाद आलोचकों को गलत साबित करने के लिए प्रेरणा का काम किया। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2015 में होने वाले विश्व कप से पूर्व तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के लिए कालम लिखते हुए कहा, ‘मेरे लिए भुलाने वाला आईसीसी क्रिकेट विश्व कप वेस्टइंडीज में हुए 2007 टूर्नामेंट है। टूर्नामेंट से जल्द बाहर होना मेरे क्रिकेट करियर के बदतर लम्हों में शामिल है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम शानदार थी लेकिन यह ऐसी साबित नहीं हुई। विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने का मेरा इंतजार जारी रहा। इस निराशा ने हालांकि आलोचकों को गलत साबित करने में प्रेरणा का काम भी किया।’ विश्व कप 2015 के लिए आईसीसी एंबेसडर तेंदुलकर ने कहा कि घरेलू सरजमीं 2011 विश्व कप जीता उनके करियर का शीर्ष लम्हा रहा।

Digital Desk: Shiv Kishor

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