मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर 29 मार्च को होने वाला आईसीसी विश्वकप का फाइनल मुकाबला अगर टाई होता है तो नए विश्व चैंपियन का फैसला सुपर ओवर के माध्यम से होगा। विश्व कप 2011 की तरह ही इस बार भी विश्व कप फाइनल टाई रहने पर सुपर ओवर के जरिए फैसला होगा। एन श्रीनिवासन की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईसीसी बोर्ड ने ये फैसला लिया। इसमें आईसीसी टूर्नामेंटों में धीमी ओवर गति के अपराधों की स्थिति में आईसीसी आचार संहिता के उपयोग में बदलाव को भी मंजूरी दी गई। अब आईसीसी टूर्नामेंट में किसी दूसरी सीरीज में धीमी ओवर गति के कारण निलंबन या पिछले इस तरह के अपराध का असर कप्तान पर नहीं पड़ेगा। इसके मायने हैं कि सिर्फ विश्वकप मैचों में ही धीमी ओवर गति का कसूरवार पाए जाने पर कप्तानों पर निलंबन का खतरा होगा। विश्व कप से पहले धीमी ओवरगति के कसूरवार रहने पर टूर्नामेंट के बाद होने वाली पहली द्विपक्षीय सीरीज में सजा दी जायेगी। बोर्ड ने आस्ट्रेलिया के फिलीप ह्यूज की मौत के मद्देनजर खिलाड़ियों की सुरक्षा के मसले पर भी बात की। इसमें क्रिकेट हेलमेटों से बेहतर सुरक्षा के लिए आईसीसी की मदद से हो रही रिसर्च के बारे में भी जानकारी दी गई।
Digital Desk: Kamal
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