20 फरवरी को बहुमत साबित करेंगे मांझी
(India)
बिहार में छिड़ी राजनीतिक जंग बुधवार को निर्णायक स्थिति में पहुंच गई। दल-बल के साथ दिल्ली पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शाम में जहां राष्ट्रपति के दरवाजे तक गुहार लगाते हुए विशेष सत्र बुलाने की मांग की, वहीं राजभवन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने देर रात मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को 20 फरवरी को बहुमत सिद्ध करने को कह दिया। बहुमत का फैसला गुप्त मतदान से हो सकता है। इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने नीतीश को जदयू विधानमंडल दल के नए नेता के रूप में मान्यता देने को अवैध करार दिया। कोर्ट के मुताबिक, यह मामला अभी राज्यपाल के पास विचाराधीन है। जब तक राज्यपाल कोई फैसला सुना नहीं देते नीतीश कुमार को विधानमंडल दल के नए नेता के रूप में मान्यता देना बेमानी है। इस मामले में अब 18 फरवरी को सुनवाई होगी।इस बीच, आरोप प्रत्यारोप का दौर और गरमा गया है। मांझी ने यह कहकर लड़ाई को और धार दे दी है कि दिल्ली में नीतीश के कब्जे में बंद कई विधायक भी उनके संपर्क में हैं। हालांकि भाजपा अपने भावी रणनीति को लेकर असमंजस में दिखाई दे रही है। वह परिस्थितियों को देखते हुए कोई फैसला लेगी।

Digital Desk: Kamal

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