आम आदमी पार्टी का महाभारत अपने चरम पर है। पार्टी नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के पीएसी से विदाई का कारण गिनाए जाने के दूसरे दिन योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने साझा बयान जारी कर पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है। इन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की है कि उनका जवाब भी पार्टी की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए। योगेंद्र ने साफ तौर पर कहा कि संयोजक पद का मुद्दा न था और न है। योगेंद्र यादव ने केजरीवाल पर बड़ा आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के बाद केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाने की बात कही थी। पार्टी के आरोपों के मुताबिक इन दोनों ने हर मोर्चे पर पार्टी को कमजोर करने की साजिश की है। इस चिट्ठी से अरविंद केजरीवाल की अलग तरह की राजनीति करने के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चिट्ठी मे कई ऐसी बात हैं। जो आम आदमी पार्टी को कार्यकर्ताओं और समर्थकों दोनों को ही निराश कर देंगी। साथ ही यादव ने कहा कि पार्टी ने भड़काऊं पोस्टर के आरोपी अमानातुल्लाह को टिकट दिया और ओखला प्रभारी भी बनाया। इसका विरोध करना भी उन्हें भारी पड़ा।
Digital Desk: Kamal
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