मुसलमानों के मताधिकार पर पहले से विवादों में फंसी शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में इस ओर एक और विवादित लेख लिखा है. मुखपत्र के संपादक और पार्टी नेता संजय राउत ने अपने नए लेख में सिर्फ उन लोगों को मतदान का अधकिार देने की बात कही है जो परिवार नियोजन करवाते हैं. संजय राउत ने अपने लेख में लिखा है, सिर्फ 14 करोड़ मुसलमानों की खुशामद करने में देश की राजनीति हमेशा मशगूल रहती है. अगर ये देश हिंदुओं का नहीं तो इस देश में धर्मनिरपेक्षता की आड़ में मुगलों का राज भी नहीं लाने दिया जाएगा. मुसलमान इस देश के दुश्मन नहीं, लेकिन मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति देश को नुकसान पहुंचा रही है. देश में सिर्फ उन लोगों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए जो परिवार नियोजन करवाते हैं. यही नहीं, राउत ने नजमा हेपतुल्ला और मुख्तार अब्बास नकवी पर सवाल उठाने वाले एआईएमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी पर भी कड़ी टिप्पणी की है. राउत ने लिखा है कि मुख्तार अब्बास नकवी और नजम हेपतुल्ला दोनों वंदे मातरम गाते हैं. गौरतलब है कि इससे पहले 12 अप्रैल को छपे एक अन्य लेख में राउत मुसलमानों से मताधिकार छीनने की वकालत और मांग कर चुके हैं. हालांकि बाद में इस ओर विवाद गहराने पर उन्होंने अपने लेख से यू-टर्न ले लिया और कहा कि मीडिया ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया.
Digital Desk: Kamal
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